ज़ज़्बात

शराब और शायरी का कोई रिश्ता नहीं 
शायरी का रिश्ता तो  है ज़ज़्बात से 
और ज़ज़्बात आते हैं तज़ुर्बे से 
नहीं आते यार शराब से