दस्तक

दिल के दरवाजे पे, दस्तक ना दे, तू इतने प्यार से!  
दर्द अब तेरे लिए सारे रास्ते बंद कर दिए हमने   
ख़ुशी अब सिर्फ तेरे लिए जगह है दिल में  
रंजोगम से तोड़ लिए अब सारे रिश्ते हमने  

बेशर्मी

ज्यादातर सभी को आप बेशर्मी  से हँसते देखिये  
अपने बोले झूठ पर खूब इतराते देखिये  
बेवफाई का जो हैं ,खुद जीता जागता सबूत 
दूसरों को वफादारी का ,सबक सिखाते देखिये 

खुद अपनी ख़ुशी कहीं भी ,ढूँढ लेते हैं जनाब 
दूसरे की ख़ुशी पर, दिल पे साँप लोटते देखिये 
वो तो किसी ने किया नहीं ,हमारे लिए कुछ भी !
जो खुद से हासिल किया,उस पर राल टपकाते देखिये  

वो जो दूसरे की ख़ुशी को पूरा डस गया 
उसको आज साँप सा फुफकारते देखिये 
खुद तो बोला अकड़ के 'जी ली अपनी ज़िन्दगी' हमने
दूसरा जीने लगा तो नागवार गुजरते देखिये   
 
अमानवीयता की हद से खुद ,गुजर गया जो कईं बार 
उसे 'किया ही क्या है मैंने' का गीत,हज़ार बार गाते देखिये  
सहने वाले सहते रहे हद से गुजरता रहा वो 
उस को हर रोज़ नयी हद पार करते देखिये  

बहुत हुआ अब ! ज़रा संभल !
रोज़ तुझे ही क्यों गम सहते हुए देखिये  
अकेलापन बेइज़्ज़ती से है बेहतर यार !
दिल तड़प जाता है ! तुझे तन्हाई में रोते देखिये !


दोस्ती

धीरे  धीरे  दिल  से  मेरे  दूर  हो  गए  तुम  
साथ  रहने  को  भी  फिर  मज़बूर  हो गए तुम  
बेबसी  देख  कर  भी  तेरी, ना  खुश  हुए  हम  
मेरे  होठों  की मुस्कराहट के तलबगार  हुए तुम !  
रब से उठा के हाथ, मांगी है ये दुआ !  
प्यार रहे ना रहे  ये दोस्ती  रहे हमदम  !

नवजीवन

चेहरे  को  छूती  ये  ठंडी  हवा  
छायी मस्त  ये  काली  घटा  
दिल  पूछता  है  मुझसे  ये 
मुझे  कहाँ  ले  आयी ? तू ये बता!
  
अंधे  कुँए  से  बाहर  कौन  
तुझे  ले  के  आया   ये  बता 
गुनगुनायी  दिल  ने  फिर  कोई  सरगम नयी !
मुस्कुराने  लगी  है  आँखें 
राज़  क्या  है  ये  बता 
 
हवाओं   की  सरगोशियां 
लहलहाना  पेड़ों   का 
रिमझिम  बूंदें  चेहरे  पर 
लायी  'नवजीवन' का  पता  

एक साथ

क्या हसीं अहसास थे 
जब हम एक साथ थे 
दूर दूर रह के भी कैसे  
एकदूजे के साथ थे 
ना अहसास ना साथ 
पल पल बढ़ती दूरियां !
वो प्यार के हसीं पल,   
सब तभी थे !
जब हम एक साथ थे !

सितम

वक़्त  के खूबसूरत  'सितम 'देखिये 
हम  ही  ना  रहे  'हम'  देखिये 
चारों   तरफ   बिखरी  थीं  खुशियां  मगर 
हम थे  खुद  में  मगन  रात  दिन देखिये 

बार  बार  खुशियों  ने  दस्तक दी  दिल पर 
ना  किया  हमने  खुद  पर  करम  देखिये 
प्यार  यूँ  सबसे   किया  हमने  ऐसे  कि  हम
भूले  खुद  को  ही  हम  'बेरहम'  देखिये 

उम्र  का  हर  पड़ाव  खूबसूरत  तो  है 
दिल  में  शिद्दत  से  जीने  की चाहत  भी  है 
पर  कोई  हमारा  बने  ना  बने 
दिल  की  ख्वाहिश  हुई  है  ख़तम  देखिये 

पेड़ों  से  झड़ते  हुए  फूल  यूँ 
मोती  से  धरती  पे  बिखरे  हुए 
देखूं  कैसे  इन्हें ? फूलों  की  बेकद्री  या 
है  धरती  पे  इनका  करम  देखिये 

वक़्त  के खूबसूरत  सितम देखिये 
हम  ही  ना  रहे  'हम'  देखिये

रात

इसकी बात, उसकी बात, ना जाने किस किसकी बात  
करवटें बदलते गुजरी, हाय मेरी तमाम रात! 
उफ़ ये बेचैनी है कैसी !क्या बेकरारी का सबब ?
बेचैनी कम हो जाएंगी क्या ?गर छोड़ दूँ ख्वाहिशों का साथ !

मैं नहीं चाहती ,कैसी भी  !कोई शय चुराए नींदें मेरी ! 
मैं तो बस चाहूँ पुरसुकून प्यारी सी एक चांदनी रात 
जान के भी अनजान बन पाने की जो हैं ख्वाहिशें !   
वजह वही हैं जो ना सोने देंगी मुझको सारी रात 

कर सके तो कर ले यारा अब तो खुद पर भी यकीन 
वरना कर दे अलविदा तू अपनी नींद आज की रात  
इसकी बात उसकी बात ना जाने किस किसकी बात  
करवटें बदलते गुजरी हाय मेरी तमाम रात .......

पुकार

नम आँखें मुस्कुरा देंगी   
आस के दिए जल जाएंगे   
चारों सूं खुशियों की आहट 
      जब प्यार से पुकारोगे तुम  
मिट जाएंगे गम, हर सूं  ख़ुशी 
अजीब सी आवारगी 
रग रग में बेपरवाही 
    जब प्यार से पुकारोगे तुम  
सूर्य सी दमकती मैं 
चाँद सी चमकती मैं 
फूल सी महकूँगी मैं
    जब प्यार से पुकारोगे तुम
ज़िंदा तो हूँ पर जीवन नहीं 
अनवरत इंतज़ार है अनबुझी सी प्यास है 
सांस जीवन लेने लगेगा 
   जब प्यार से पुकारोगे तुम 
मैं आत्मा परमात्म तुम 
इस जीवन की स्वास तुम 
धड़कने लगेगा दिल 
    जब प्यार से पुकारोगे तुम 
 

मुश्किल

जानकर भी अनजान बने रहना मुश्किल 
सब कुछ कहकर भी छुपाना बड़ा मुश्किल 
दिल दर्द में हो और कहना सब बढ़िया 
अहसास महसूस न करना सबसे मुश्किल 

यादों की गुफा

यादों की गुफा में ले गयी उसकी बातें   
डूबने उतरने लगे हम दर्द के समंदर में 
चलने लगे सेहरा की तपती रेत पर 
     ख्वामख़्वाह यूँ ही !   
छाले पैर की जगह पड़ने लगे दिल में !