ऊर्जा स्त्रोत 1

भीड़ में अकेला बच्चा परेशां सा खड़ा 
हार रहा है साथी बच्चों से 
अचानक माँ पर नज़र पड़ी 
चेहरा ख़ुशी से खिल गया 
जैसे ताकत का खज़ाना मिल गया
विश्वास से चेहरा दमकने लगा  
क्यूंकि वो अपने ऊर्जा स्त्रोत से मिल गया 
और हारने का डर दिल से निकल गया 
ठीक वैसे ही तू भी गर ब्रह्माण्ड 
अपने ऊर्जा स्त्रोत से मिल  गया
ज़िन्दगी चमत्कारों से भर जायेगी 
आत्मविश्वास,असीमित संभावनाएं 
फूलों सा महकता जीवन 
जो होगा डर विहीन ,दर्दविहीन 
सम्मानित अपनी और दूसरों की नज़र में 

आत्मा

      आत्मा को 
ना काट सके शस्त्र कोई
ना जला सके अग्नि कोई 
 ना भिगो सके जल कोई 
ना सूखा सके वायु कोई  
       आत्मा तो 
  अखंड सर्वव्यापी अचल 
अव्यक्त अचिन्त्य निर्विकार
  जो ज्ञानी जानता है वो
कभी भी शोक नहीं करता 

साथ

     ज़रूरी नहीं 
समय ताकत संपत्ति 
पैसा और शरीर 
ज़िन्दगी में साथ देंगे   
         मगर 
अच्छा स्वभाव अच्छी समझ 
आध्यात्मिक पथ सच्ची नीयत  
ज़िन्दगी में हमेशा साथ देंगे