तो बात है !

इस डर और दहशत के माहौल में 
तुम बेख़ौफ़ बात रखो, तो बात है !
सब सर झुका रहे अन्याय के खिलाफ 
तुम ऊँचा रखो तो बात है !
अव्यवस्था ,कालाबाज़ारी और 
स्वार्थ का गीत गा रहे हैं सब 
इसे बदलने की लो ज़िम्मेदारी ,
पहला कदम रखो ,तो बात है !
मानवता की बात करके 
अमानवीय व्यवहार ? 
ऐसे लोगों को ना पनपने दो, तो बात है ! 
अशिक्षा ,अनैतिकता बिखरी हुई चारोँ तरफ 
शिक्षित करो समाज, तो  बात है !
शिक्षा और इलाज़ सबको मिलना चाहिए 
भारत में अब ये, सबसे ज़रूरी बात है!
महिमामंडित हो रहे है !ये रँगे सियार !
इनको बेनकाब करो, तो बात है !
मत बहकना अब धर्म ,जातपात ,
आरक्षण के नाम पर ,
रोटी ,कपडा, मकान और 
रोज़गार की हो बात ,तो बात है !
आज सब किसी ना किसी तरह से 
तुम्हे अलग कर रहे ,समझो इनकी साज़िश !
सब हो जाओ एक ! तो बात है !

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